12वीं के बाद अब सिर्फ इंजीनियरिंग ब्रांच लेना पसंद का सवाल नहीं रह गया। कौन सी शाखा करियर को अच्छा प्लेसमेंट दिला सकती है। कॉलेज और भविष्य की संभावनाओं को देखना भी है। एक सर्वेक्षण के अनुसार पीसीएस लेने वाले 62 फ़ीसदी छात्र का पहला पसंद बना इंजीनियरिंग, ज्यादातर छात्र बी टेक के बाद अच्छे नौकरी और बेहतर करियर की उम्मीद रखते हैं। लेकिन उन्हें सही जानकारी न होने के वजह से इंजीनियरिंग के किसी दूसरे ब्रांच में प्रवेश ले लेते हैं। 2026 के अनुसार से इंजीनियरिंग की आठ ब्रांच करियर में अच्छा ग्रोथ दिला सकती है।
Top 8 इंजीनियरिंग ब्रांच की लिस्ट
- कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE)
- इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE)
- सिविल इंजीनियरिंग
- केमिकल इंजीनियरिंग
- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
- मैकेनिकल इंजीनियरिंग
- आर्किटेक्चर
- डाटा साइंस
कौन सी इंजीनियरिंग ब्रांच की ज्यादा मांग है।
कंप्यूटर साइंस
यह कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ब्रांच सबसे ज्यादा लिए जाने वाली इंजीनियरिंग शाखा है। ऑटोमोबाइल से लेकर बैंकिंग ,हेल्थ केयर, सॉफ्टवेयर और सरकारी सर्विस तक हर क्षेत्र में एक हाई डिमांड वाली शाखा है। आप इसमें डेवलपर, क्लाउड इंजीनियरिंग, बेस डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर और इसके साथ-साथ आप आईटी मैनेजर के पद पर नौकरी ले सकते हैं। शुरुआत में आपका सालाना वेतन 4 से 5 लख रुपए हो सकते हैं जो आगे चलकर अनुभव से सैलरी बढ़ सकती है।
इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन
इस ब्रांच में कोर इलेक्ट्रॉनिक्स से के साथ ही साथ सॉफ्टवेयर और आईटी के क्षेत्र में भी आपके करियर का रास्ता खुल सकता है। आप इसमें काम करते हुए सालाना 3से 3:50 लाख तक वेतन ले सकते हैं। इसे करने के बाद आप किस पद पर अपना कैरियर बना सकते हैं। चिप डिजाइन, एंबेडेड सिस्टम और रोबोटिक जैसे क्षेत्रों में अवसर मिल सकते हैं।
सिविल इंजीनियरिंग
भारत में अगले कई सालों तक इंफ्रास्ट्रक्चर का बहुत तेजी से निर्माण होगा, तो आने वाले समय में सिविल इंजीनियरिंग की मांग बढ़ती रहेगी, और इसके JEE का एग्जाम का जो कट ऑफ है वह बाकी इंजीनियरिंग के एग्जाम से कम रहती है। अच्छी लग्न एवं मेहनत से इस शाखा में करियर बनाया जा सकता है। IIT और NIT अच्छे विद्यार्थियों को 10 लाख से ज्यादा का पैकेज मिल जाता है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
आज के क्षेत्र में इसका डिमांड सिर्फ बिजली विभाग तक ही सीमित नहीं है।इलेक्ट्रिक वाहन, मेट्रो रेल, सौर ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में इसके विशेषज्ञों की जरूर दिन पर दिन बढ़ रही है। इस क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। चाहे निजी क्षेत्र हो या सरकारी विभाग दोनों में डिमांड ज्यादा हैं। नौकरी की शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की सालाना सैलरी 3 से 5 लाख तक हो सकती है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग
मैकेनिकल इंजीनियरिंग मशीनों के डिजाइन से लेकर उसके निर्माण, परीक्षण, एवं संचालन तक का काम करती है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शाखा लगभग हर उद्योग को छूता है। एयरोस्पेस और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में मौके बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार के द्वारा चलाया गया मेक इन इंडिया के ज्यादातर काम है इसी मैकेनिकल इंजीनियर के तहत किया जा रहे हैं, इस इंजीनियरिंग में अच्छा खासा 20 लाख तक का पैकेज मिल सकता है।
आर्किटेक्चर
तेजी से शहरीकरण होने के कारण दुनिया भर में बुनियादी ढांचे का विस्तार तेजी से हो रहा है। तो इसी के साथ-साथ वास्तु कारों की भी मांग बढ़ रही है यह इंजीनियरिंग आर्किटेक्चर टेक्नोलॉजी, के कौशल का उपयोग करके किसी भवन को सुंदर बनाने के साथ-साथ उसकी उपयोगिता और पर्यावरण को ध्यान में रखकर काम करते हैं, चाहे सरकारी क्षेत्र में हो या प्राइवेट क्षेत्र में अच्छे इंजीनियरिंग संस्थान के योग्य छात्रों को लगभग 20 लाख तक का पैकेज देती है।
डाटा साइंस
आईटी क्षेत्र और बैंकिंग, ई-कॉमर्स में डाटा साइंस इंजीनियर की मांग काफी हैं। डाटा साइंस में रुचि रखने वाला छात्रों की 3 लाख सालाना से शुरू हो जाती है।
केमिकल इंजीनियरिंग
इसका काम तो कभी खत्म ही नहीं होने वाला है। सैलरी तीन से चार लाख सालाना का पैकेज मिलता है। शुरुआती तौर पर जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ेगा, सैलरी बढ़ती जाएगी।
भारत में हर साल 15 लाख इंजीनियर तैयार
देश में लगभग 8876 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, इसमें से सरकारी कॉलेज की संख्या 2265 है। तो वही प्राइवेट कॉलेज की संख्या 6611 है। लेकिन कैंपस प्लेसमेंट का हाल बहुत बुरा है,लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। और वही बड़ी-बड़ी की बात करें तो, आईटी कंपनी के भर्ती में फिर से तेजी आ रही है, टीसीएस में वर्ष 2027 में लगभग 25000 पदों की पेशकश की तो वही इन्फोसिस ने 20000 और कॉग्निजेंट ने 25000 नए इंजीनियरों को नियुक्त करने का लक्ष्य बनाया।