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नींद में बड़बड़ाना या गुदगुदाना क्या यह कोई बीमारी है

क्या आप कभी सोते हुए नींद में बड़बड़ाये हैं और सुबह आपके परिवार के लोग आपसे पूछ रहे हैं, की रात को सोते समय किस से लड़ाई कर रहे थे? अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो आप अकेले नहीं हैं। रात में सोते वक्त गुदगुदा, बड़बड़ाना, हंसना या किसी से अजीब तरह से बहस करना, अजीब जरूर लग सकता है, लेकिन यहां कोई बीमारी नहीं है। इसे चिकित्सीय भाषा में ‘पैरासोमनिया’ कहा जाता है, यह बिल्कुल आम बात है यानी सोते समय दिमाग और शरीर का असमान्य हो जाना।

रात में सोते समय या दिन में सोते समय हम नींद के कई चरणों से गुजरते हैं, जिसे स्लीपिंग स्ट्रक्चर (नींद का ढांचा) कहते हैं। और इस समय शरीर और दिमाग के बीज असामान्य गतिविधियां होती हैं। जिसने से दिमाग का 75 से 80% हिस्सा नॉन-आरईएम नींद का होता है, यानी रैपिड आई मूवमेंट (तेजी से आंखें खुलना), और 25 प्रतिशत हिस्सा आरईएम का होता है। जिसमें हम जीवन के गहरे सपने को देखते हैं।

नींद में बड़बड़ाना ऐसा कब होता है

नींद में बड़बड़ाना, हंसना या किसी से अजीब बहस करना, आमतौर में नींद में बड़बड़ाने की आवाज स्पष्ट नहीं होती। ऐसा कब होता है – जब दिमाग का बोलने वाला हिस्सा बोल रहा हो अर्थात सक्रिय लेकिन जो व्यक्ति बोलने वाला कंट्रोल रखता हो और वह सो गया हो। नींद में बोले गए शब्द ज्यादातर क्लियर नहीं होते, ऐसे में बोले जाने वाला सबसे आम शब्द ‘नहीं’ होता है। ऐसा लगता है जैसे सोया हुआ व्यक्ति सपने में किसी से लड़ाई-झगड़ा कर रहा है।

एक अध्ययन से पता चला है कि सोए हुए व्यक्ति का जो 25 प्रतिशत आरईएम नींद वाला हिस्सा जो एक्टिव रहता है। ऐसे में बोले गए शब्द 80% मामलों में उनके सपनों से जुड़ा रहता है। नींद में बोलते हुए व्यक्ति से आप बातें भी कर सकते हैं, हो सकता है आप उनसे बातें कर रहे हो और वह आपके बातों का जवाब भी दे, लेकिन सोए हुए व्यक्ति नींद में भी अपना राज कभी नहीं खोल सकता है।
दुनिया भर में दो तिहाई से ज्यादा लोग जीवन में कभी न कभी नींद में जरूर बोला है।

 

किस उम्र के लोग नींद में ज्यादा बडबडाते हैं

नींद में बोलना या ज्यादा बड़बड़ाने की आदत ज्यादातर छोटे बच्चों में देखी गई है, क्योंकि उनमें ‘स्लो वेव’नॉन-आरईएम नींद अधिक होती है। जो बढ़ती उम्र के साथ धीरे-धीरे कम हो जाती है। इसलिए वयस्क पुरुष नींद में कम बडबडाते देखा होगा।

ऐसा कब होता है, वैज्ञानिक मानते हैं- जब आप बहुत ज्यादा थके हुए हैं, या आपकी नींद कंपलीट ना हो या आप बहुत ज्यादा बेचैन हो। तो करना कुछ नहीं है, एक गहरी नींद ले ताकि अगली बार आप रात में बड़बड़े ना ।

 

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