2030 तक बैटरी मैन्युफैक्चरिंग एंड रिसाइकिलिंग उद्योग में 15 से 20 लाख नौकरियाँ हो सकती हैं

देश की हरित क्रांति को आगे बढ़ाने में इन दिनों बैटरी उद्योगों की बहुत बड़ी भूमिका दिख रही है। आज चाहे ईवी के रूप में कार हो या ई-रिक्शा हो या फिर दोपहिया वाहन ही क्यों न हो। आज सब बैटरी से चल रहे हैं। फिर छत पर लगे हुए सोलर पैनल या पवन चक्की हो, इन सब से मिलने वाली बिजली को स्टोर करने की बात हो या फिर मेडिकल के उपकरण हो या मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप हो, इनवर्टर ही क्यों न हो, इन सभी गैजेट में लिथियम-आयन बैटरी का यूज हो रहा है।

लिथियम-आयन से बनी बैटरी अब धीरे-धीरे दूसरे क्षेत्रों में भी बढ़ रही है. जो प्रदूषण कम करने में भी सहायक हो रही है। यही कारण है कि बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और रीसाइकलिंग उद्योगों के तेजी से विकास हो रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की हाई डिमांड हो रही है।

बैटरी मैन्युफैक्चरिंग एंड रिसाइकिलिंग उद्योग में 15 से 20 लाख नौकरियाँ

लगभग पंद्रह से बीस लाख जॉब 2030 तक लिथियम बैटरी मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में देखी जा सकती हैं। जिस तरह सरकार और देश-दुनिया ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण को बचाने की कोशिश कर रही है। उसे देखते हुए तो यही लगता है इस समय दुनिया का सबसे तेजी से उभरता हुआ उद्योगों में से एक बैटरी मैन्युफैक्चरिंग एंड रीसाइकिलिंग सेक्टर हैं। इसमें भारत सरकार का पीएलआई स्कीम भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है।

बैटरी मैन्युफैक्चरिंग एंड रिसाइकिलिंग उद्योग में जॉब के लिए क्या होनी चाहिए योग्यता?

बैटरी मैन्युफैक्चरिंग एंड रिसाइकिलिंग उद्योग में जॉब के लिए क्या होनी चाहिए योग्यता?
बैटरी इंजीनियर बनने के लिए आपको विज्ञान या फिर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से होना बेहद ज़रूरी है। इसके साथ जैसे BMS ( बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ) और बैटरी केमिस्ट्री, थर्मल मैनेजमेंट जैसे विषयों पर नॉलेज होना चाहिए।

केमिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या फिर इलेक्ट्रॉनिक्स में BE, B.Tech किए हुए लोगों के लिए इस क्षेत्र में अभी बहुत स्कोप है। इस मार्केट को देखते हुए कई संस्थाएँ बैटरी टेक्नोलॉजी से जुड़े शॉर्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स भी करा रही हैं।

लिथियम बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में जॉब के पाने का अवसर।

बैटरी उद्योग में आप अपनी कुशलता एवं योग्यता के आधार पर नौकरी ले सकते हैं। चाहे वो टाटा मोटर्स, ओला इलेक्ट्रिक, रिलायंस न्यू एनर्जी जैसी बड़ी कंपनियों में आप मटेरियल साइंस इंजीनियर, बीएमएस इंजीनियर और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियर में अपना करियर बना सकते हैं। 75 प्रतिशत अप्रत्याशित एवं 25 प्रतिशत प्रत्याशित रूप से इन सेक्टर में नौकरियां होने की संभावना है। और 25 से 30 प्रतिशत प्रतिवर्ष भर्तियों में वृद्धि की उम्मीद है।

स्किल का होना जरूरी। बैटरी मैन्युफैक्चरिंग रीसायकलिंग उद्योग में प्रवेश होने से पहले आप अपनी पढ़ाई के साथ अपने स्किल पर भी काम करें। पढ़ाई के दौरान किसी भी कंपनी या बैटरी रीसायकलिंग फर्म से इंटर्नशिप भी करते चलें, जिससे आप बैटरी केमिस्ट, लिथियम-आयन बारे में जानकारी हो।

क्योंकि कंपनी भी ऐसे लोगों को ही जॉब देती है जो कचरे से सोना बनाने की सोच रखता हो। इनमें जॉब सिक्योरिटी के साथ ग्लोबल करियर की संभावनाएं भी ज्यादा हैं। यदि आप लिथियम बैटरी मैन्युफैक्चरिंग उद्योग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो आप का सालाना अठारह लाख से पचास लाख तक का वेतन हो सकता हैं।