पंजाब इस समय नशे के कारोबारियों से हो रहे अपराध से जूझ रहा है। पंजाब में हो रहे नशा विरोधी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले। हमले और हत्याएं ने पूरे देश में बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया है। गृहमंत्री अमित शाह और पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान वार – पलटवार जैसे तीखे बहस में लगे पड़े हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से नशा विरोधी कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले और उनके आत्महत्याएं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा पंजाब में नशा, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं, इस पर भगवंत मान का पलटवार हुआ। उन्होंने कहा गुजरात के एक बंदरगाह से मादक पदार्थ बरामद हुआ, उसका क्या? केंद्रीय गृहमंत्री ये नसीहत न दें, गुजरात में किसकी सरकार हैं ।
गृह मंत्रालय ने मारी पनवा गांव में विक्रमजीत सिंह, गुरमुख और निशान सिंह पर हुए हमले को भी नशीले पदार्थों से जुड़ा हुआ कहा। मानसा में हुआ परविंदर सिंह झोटा की हत्या और गुलजार सिंह की हत्या का भी संज्ञान दिया। केंद्र सरकार पंजाब राज्य को चेताते हुए कहा इस सभी घटनाओं का कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

गृह मंत्रालय ने गुलजार सिंह के हत्या के मामले को जिक्र किया। कहा गुलज़ार सिंह का बेटा भी नशे की लती हो चुका था। अपने बेटे और जवानों को इस दलदल से बाहर निकालने के लगातार संघर्ष कर रहे थे। गुलजार सिंह ने कार्यक्रम के दौरान वित्ती मंत्री और हरपाल सिंह के सामने सार्वजनिक रूप से यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद गुलजार सिंह को बहुत सताया गया, जिससे वे सात सितंबर को खुदकुशी कर लेते हैं ।
पंजाब सरकार से गृहमंत्री अमित शाह ने नार्कोटिक्स कंट्रोल विजन डोकुमेंट ( 2026-2029 ) पर की गई कार्रवाई का रिपोर्ट मांगी। जैसे अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों के साथ साझा किया था।











