खेलउत्तर प्रदेशक्रिकेटस्पोर्ट्सबॉलीवुडएजुकेशन एंड करियरबिजनेसलाइफस्टाइलदेशविदेशरहस्यआध्यात्मिकअन्य
---Advertisement---

उत्तर प्रदेश में लगभग 16.18 लाख मतदाताओं का ब्यौरा नहीं : अखिलेश।

उत्तर प्रदेश में लगभग 16.18 लाख मतदाताओं का ब्यौरा नहीं : अखिलेश।
---Advertisement---

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के राज्य मुख्यालय में समाजवादी आईसीआई ऑडिट-वन पुस्तिका जारी की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) होने के बाद भी मतदाता सूची में बड़े लेवल पर फर्जी वोट मौजूद हैं।
एसआईआर के दौरान भरे गए 87.56 लाख फॉर्म-6 में से केवल 71.38 लाख की जानकारी साझा की है। बचे 16.18 लाख नए मतदाताओं का ब्यौरा नहीं दिया गया। अखिलेश के अनुसार इन मतदाताओं के नाम, उम्र और रिश्तेदारों की जानकारी एक जैसी ही है। इसके बावजूद भी तीन लाख और फर्जी मतदाताओं का पता चला है।

अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी पर और कई तरह के आरोप लगाते हुए कहा- बीजेपी फर्जी वोट जोड़ती है और अपने विरोधी दल के वोट काटती है। पैसे और खाद्य सामग्री बांटकर मतदाताओं को अपनी तरफ लुभाती है, जो बिका तो ठीक नहीं तो डराती – धमकाती भी है। ईवीएम और मतगणना में गड़बड़ी कर कर के बीजेपी हर बार सरकार बना लेती है। ऐसे कुल दस से ज्यादा चुनावी चालें चलने का आरोप भाजपा पर लगाया।

मंत्री दयाशंकर ने अखिलेश के फर्जी वोट बनाने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा- अखिलेश बताएं कि 2014 और 2017 में भारतीय जनता पार्टी की जीत कैसे हुई? अखिलेश 2027 के विधानसभा चुनावों के हार की पहले से ही तैयारी कर रहे हैं। अपनी हार की आकांक्षा में चुनाव आयोग पर गुस्सा फोड़ रहे हैं। दयाशंकर ने कहा, 2014 में अखिलेश मुख्यमंत्री थे, तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने उत्तर प्रदेश में 80 में से 73 सीटें कैसे जीत हासिल कर ली थीं? तो वहीं विधानसभा चुनावों के समय भी अखिलेश मुख्यमंत्री थे, लेकिन भाजपा गठबंधन ने 330 सीटों पर बंपर जीत दर्ज की थी तब हुई थी वोट चोरी?

मंत्री दयाशंकर ने कहा, अखिलेश यादव के पक्ष में हो परिणाम न हो तब उढ़ाते हैं वोट चोरी का मुद्दा। साथ में कांग्रेस को भी लपेट लिया, कहा लोकतंत्र को सपा और कांग्रेस ने बदनाम कर रखा है। सपा जीते तो चुनाव सही लेकिन हारे तो वोट चोरी।

कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश के आरोपों पर टिप्पणी की – क्या 2024 की लोकसभा चुनाव निरपक्ष था या नहीं। 2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव तथा 2019 के लोकसभा चुनावों में जब सपा को हार मिली तब सवाल उठाए गए। लेकिन 2024 में 37 सांसद जीतकर संसद पहुंचे तो सब ठीक था। जब अखिलेश के परिवार से पांच सदस्य सांसद बने तब निरपक्षता पर सवाल नहीं उठे। राजभर ने अखिलेश पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा, अबकी बार साइकिल का टायर ही नहीं फटेगा बल्कि साइकिल ही उड़ जाएगी।

suvas singh

Has an interest in Hindi journalism and current affairs. Focuses on presenting news related to national and global events, politics, education, and social issues in simple, clear Hindi.

Join WhatsApp

Join Now