सीएम योगी आदित्यनाथ शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के सम्मेलन को संबोधित करते हुए। सपा को घेरे में लेते हुए कहा सपा शासनकाल में न सड़के थी, न बिजली और न शिक्षा की कोई समुचित व्यवस्था और नवरात्रि के महीने में भी श्रद्धालुओं को दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित करने में मस्कत करनी पड़ती थी।
मंदिरों में गंदगी और अव्यवस्था भी दिखाई देती थी, आज सरकार जनता के साथ खड़ी है सेवा संकल्प अभियान के तहत शिविर लगाए जा रहे हैं, और योग्य व्यक्तियों को इस योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा को प्रदेश में चार बार सरकार चलाने का मौका मिला लेकिन विकास क्या है? या यूं कहें कि सपा के एजेंडे में विकास था ही नहीं। वर्ष 2017 से पहले मिर्जापुर मंडल के तीनों जिले में कोई मेडिकल कॉलेज व विश्वविद्यालय नहीं था लेकिन अब सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज और मिर्जापुर में विश्वविद्यालय भी स्थित है।
मुख्यमंत्री योगी जी ने स्नातक युवाओं के टैबलेट वितरण को लेकर भी जानकारी दी। कहा विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद स्नातक के दो करोड़ युवाओं को टैबलेट वितरण करने का सरकार का लक्ष्य है। जिसमें से 62 लाख युवाओं को अब तक टैबलेट उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्त पोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को हेल्थ कवर भी दिया जाएगा, तो वहीं आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक का सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है।
सैफई सिंडिकेट और पीडीए को निशाने पर लेते हुए योगी ने कहा- सपा के शासनकाल में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। यह जिसे चाहते थे उसे नौकरी देते थे। अनिल यादव जैसे अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया, जिसे फिलहाल में ही हाईकोर्ट ने हटाया है।
नौजवान सड़कों पर आंदोलन कराती थी। और अखिलेश सरकार नौजवानों के आवाज को अनसुनी करते थे। पीडीए को भी लेकर योगी ने कहा राज्यसभा में सपा का मंसा खुलकर सामने आ गया न दलित को टिकट दिया, न पिछड़े को और न ही मुसलमानों को तो दूसरी तरफ बीजेपी आठ टिकटों में से तीन सामान्य वर्ग के लोगों को और तीन पिछड़े वर्ग के लोगों को और दो अनुसूचित जाति को टिकटें दी और सभी आठ प्रत्याशी जीते। सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को प्राथमिकता दी थी पीडीए की हवा निकल गई जैसे- कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार से कभी अलग नहीं किया ठीक उसी प्रकार सपा ने भी सैफई परिवार तक ही अपने आप को सीमित रखा है।














