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10 मिनट का रोजाना अनुलोम विलोम दिल और फेफड़े का जीवन लंबा कर सकता है : KGMU का अध्ययन क्या कहती है।

10 मिनट का रोजाना अनुलोम विलोम दिल और फेफड़े का जीवन लंबा कर सकता है : KGMU का अध्ययन क्या कहती है।
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आजकल का जीवन बहुत कठिन हो गया है। थोड़ा सा ही कहीं कुछ होता है या कोई बीमारी होती है हम एलोपैथ दवा लेने पहुँच जाते हैं लेकिन सदियों से चली आ रही योग प्रथा को भूल चुके हैं। अब तो एलोपैथ ने भी योग के ताकत का लोहा मानना शुरू कर दिया है।

KGMU (King George’s Medical University ) में अध्ययन किया गया और माना कि रोजाना 10 मिनट का अनुलोम विलोम प्राणायाम व्यक्ति के लिए रामबाण साबित हो सकता है, जिसको इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च इन मेडिकल साइंस के अक्टूबर के अंक में स्थान भी मिला है।

KGMU में 52 लोगों पर अनुलोम विलोम का अध्ययन।

अनुलोम-विलोम का अध्ययन 52 स्वस्थ युवाओं पर KGMU (King George’s Medical University )में डॉक्टर साक्षी वर्मा, डॉक्टर जगजीत नारायण और कई अन्य डॉक्टरों ने किया। 18 से 26 वर्ष के युवाओं को दो भागों में बंटा गया। 26 प्रतिभागियों की योजना रोजाना 10 मिनट अनुलोम विलोम कराया गया

26 युवाओं ने लगातार चार सप्ताह तक 10 मिनट का अनुलोम विलोम किया और अन्य 26 युवाओं को कोई विशेष अभ्यास नहीं कराया गया। अभ्यास से पहले दोनों प्रतिभागियों की समान स्थिति थी। चार सप्ताह के बाद समूहों के आंकड़ों को मिलाया गया।

अनुलोम विलोम करने एवं न करने वाले में अंतर।

अनुलोम विलोम प्राणायाम करने वाले समूहों में हृदय और श्वास के मानकों में बेहतर बदलाव पाया गया, नाड़ी की गति और रक्तचाप में कमी दर्ज की गई। इसके साथ फेफड़ों से हवा बाहर निकालने की क्षमता में सुधार देखने को मिला। फेफड़ों से हवा बाहर निकालने की क्षमता मापी गई तो पीक एक्सपायरेटरी फ्लो रेट, (PEFR) 6.02 से बढ़कर 6.61 हो गया था।

दूसरे समूह के युवाओं में यह 6.10 से लेकर छह दशमलव 11 रहा, नियमित प्राणायाम करने वालों में हवा बाहर निकालने की क्षमता में काफी सुधार मिला। रोजाना 10 मिनट अनुलोम-विलोम करने वाले समूह में नाड़ी की गति 79.38 से घटकर 73.54 धड़कन प्रति मिनट दर्ज की गई और अनुलोम विलोम करने वाले न करने वाले समूह की 80.19 धड़कन प्रति मिनट रहा। प्राणायाम करने वाले समूह का सिस्टोलिक रक्तचाप 112.85 से नीचे 106.45 एमएमएचजी और डायस्टोलिक रक्तचाप 72.38 से घटकर 67.90 रह गया।

अनुलोम-विलोम न करने वाले युवाओं की स्थिति दोनों मानकों में समान रही। ऐसी कोई खास कमी नहीं दिखाई गई। रोजाना 10 मिनट का अनुलोम-विलोम आपके जीवन को लंबा कर सकता है। रोजाना अनुलोम-विलोम प्राणायाम अपने लाइफस्टाइल का हिस्सा जरूर बनाएं।

बाबा राम देव से सिखये अनुलोम विलोम करने का सही तरीका ।

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suvas singh

Has an interest in Hindi journalism and current affairs. Focuses on presenting news related to national and global events, politics, education, and social issues in simple, clear Hindi.

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