राजकोट ,गुजरात राज्य का चौथा सबसे बड़ा शहर माना जाता हैं , अहमदाबाद , vododara , और सूरत के बाद राजकोट फोर्थ-largest city माना जाता हैं। जो सौराष्ट क्षेत्र का प्रमुख्य केंद्र हैं , भारत का 35वा largest metropolitin area हैं , जो भारत का सिक्स्थ cleanest city में से एक हैं , इस सिटी की population 2 मिलियन के ऊपर हैं। यह शहर अपनी सांस्कृतिक , ऐतिहासिक और औद्योगिक पहचान के लिए जाना जाता हैं।
राजकोट की स्थापना और इतिहास
राजकोट , गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है , इस शहर की स्थापना 1612 ईस्वी में ठाकुर साहब विभाजी जडेजा ने की थी , यह अजी नदी के तट पर बसा शहर अपनी सुंदरता और टूरिज्म के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है।
इस शहर का प्राचीन इतिहास सौराष्ट्र क्षेत्र से जुड़ा हुआ है , जिसे काठियावाड़ भी कहा जाता है इस क्षेत्र पर विभिन्न राजवंशों जैसे की मौर्य , गुप्त , चालुक्य , और सोलंकी वंश का शासन रहा। सौराष्ट्र के क्षेत्र पर मुख्य रूप से जडेजा राजपूत का शासन था जिन्होंने बहुत सारे छोटे-छोटे राज्यों की स्थापना की थी। मुगलों के समय यह क्षेत्र उनके अधीन रहा और बाद में मराठों ने यहां अपनी पकड़ बनाई।
ब्रिटिश काल में राजकोट काठियावाड़ एजेंसी का हिस्सा हुआ करता था , यह शहर महात्मा गांधी के बचपन से जुड़ा हुआ है। गांधी जी ने यहां अल्फ्रेड हाई स्कूल (अब गांधी संग्रहालय) में शिक्षा प्राप्त की थी , इनका बचपन इसी शहर में बीता था।
राजकोट का पर्यटन और प्रमुख स्थल
राजकोट में बहुत से टूरिस्ट प्लेस भी है जिसमें शामिल है।
ईश्वरिया पार्क – यह एक सुंदर गार्डन है, जहाँ लोग आराम और मनोरंजन के लिए आते हैं।
रोटरी डॉल्स म्यूजियम – यहाँ दुनियाभर से लाई गई गुड़ियों का अनूठा संग्रह है।
प्रमुक स्वामी मंदिर – यह मंदिर स्वामीनारायण संप्रदाय का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।
अजी डैम – यह डैम शहर के पानी की आपूर्ति के लिए बनाया गया है और एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल भी है।
कबा गांधी नो डेलो – यह स्थान महात्मा गांधी के बचपन का घर था। यहाँ उनके जीवन से जुड़ी चीजें प्रदर्शित की गई हैं।
जुबिली गार्डन – यह एक प्रसिद्ध पार्क है जिसमें कई मनोरंजन स्थल और संग्रहालय स्थित हैं। और महात्मा गांधी संग्रहालय पर्यटन स्थलों में से एक है। जो टूरिज्म को अपनी तरफ आकर्षित करती है। इस कारण राजकोट घूमने के लिहाज़ से भी मुख्य हो जाता है।
संस्कृति और कला
राजकोट की संस्कृति और कला अद्भुत है। यहां के लोग इस शहर को rangilu राजकोट बोलते हैं , जिसका मतलब होता है , (colourful rajkot )और इसे chitranagari (city of paintings ) के नाम से जाना जाता है। यहां की मुख्य भाषा गुजराती है , लेकिन हिंदी और अंग्रेजी भी व्यापक रूप से बोली जाती है। नवरात्रि , मकर संक्रांति ( उत्तरायण ),दिवाली , और होली जैसे त्यौहार धूमधाम से मनाए जाते हैं। त्योहारों के अवसर पर गरबा और डांडिया डांस भी किए जाते हैं।
राजकोट की अर्थव्यवस्था
राजकोट की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से उद्योग व्यापार और कृषि पर निर्भर है। यहां छोटे और मध्यम उद्योगों की भरमार है, यह अपने ऑटोमोबाइल उद्योग, घरेलू उपकरण और gold ज्वेलरी के लिए प्रसिद्ध है। घड़ियों और इंजीनियरिंग का हब है और food प्रोसेसिंग भी बहुत बड़े पैमाने पर किया जाता है।
इस शहर को आर्थिक प्रगति , आधुनिक औद्योगिक विकास ,वूमेन सेफ्टी आदि क्षेत्रों में बहुत सारे अवार्ड भी प्राप्त हैं जिसमे से कुछ अवार्ड्स हैं – best LAW and order city , best city of women safety और best housing and transport city .
वर्तमान में राजकोट तेजी से विकसित हो रहा है। और इसे स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किया गया है, जिससे राजकोट ग्रीन फील्ड स्मार्ट सिटी बनेगा। जिसमें एप्रोक्सीमेटली 930 एकड़ एरिया को cover किया जाएगा। एस्टीमेट प्रोजेक्ट कॉस्ट 2100 करोड़ है। शहर का बुनियादी ढांचा , परिवहन और स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बेहतर हो रही है। यहां आईटी उद्योग और स्टार्टअप्स का भी वृद्धि हो रहा है।
गांधी जी का प्रारंभिक एजुकेशन इसी शहर में हुआ था। जिस कारण गांधी जी को नजर में रखते हुए यहां शिक्षा के क्षेत्र में बहुत कार्य किया गया। यहां कई प्रमुख स्कूल , कॉलेज और विश्वविद्यालय है , जैसे –
सौराष्ट्र विश्वविद्यालय
राजकोट टेक्नोलॉजी संस्थान
अल्फ्रेड हाई स्कूल
राजकोट का इतिहास, संस्कृति और आर्थिक प्रगति इसे गुजरात के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक बनाते हैं। महात्मा गांधी के बचपन से लेकर आधुनिक औद्योगिक विकास तक, राजकोट का सफर बेहद रोचक और प्रेरणादायक है। आज यह शहर न केवल इतिहास का प्रतीक है, बल्कि तेजी से विकसित होते भारत का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।














