केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2030 – 31 तक यानी पूरे पांच साल के लिए आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है। दिव्यांगजन, वृद्धों व विधवाओं सहित समाज के अन्य पिछड़े व वंचित वर्गों को बड़ी राहत देते हुए, केंद्र सरकार एनएसएपी से जुडी पेंशन स्कीम का दायरा भी बढ़ा दिया है। इससे 40 प्रतिशत की दिव्यांगता वाले लोगों को भी अब जन्म से पेंशन मिलेगा।
पहले क्या होता था कि यह पेंशन अठारह वर्ष से अधिक आयु और 80 परसेंट से ज्यादा दिव्यांगताओं वालों को ही मिलती थी। इसके अलावा मिलने वाली पेंशन राशि में भी बढ़ोतरी की गई। किस किसको कितना पेंशन दी जाएगी, 0 से 79 आयु वर्ग के लोगों को 375 रुपये और 80 से अधिक आयु वर्ग को 625 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
पहले कितना मिलता था? 18 से 79 आयु वर्ग के दिव्यांगजनों को ही प्रति माह 300 रुपये और 80 से ऊपर आयु वर्ग के लोगों को 500 रुपये मिलते थे। यह केंद्रीय हिस्सा होता है। इसमें हर राज्य, केंद्र शासित प्रदेश अपना हिस्सा मिलाकर दिव्यांगजनों को देती है। हो सकता है यह केंद्र शासित राज्यों या राज्य अलग-अलग हो।
इस कार्यक्रमों में अगले पांच वर्षों तक कुल 53,428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं देशभर में इसका लाभ 3.20 करोड़ लोगों को मिलेगा। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट में किए गए फैसलों को साझा किया। फैसलों के अनुसार कुछ योजनाएं, उपयोजनाओं के नाम भी बदले गए हैं। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, एनएसएपी का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना रखा गया। तो वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, (IGNOAPS), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना (IGNDPS), व राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम बदलकर क्रमशः अब नया नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना व प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना कर दिया गया।
3 . 20 करोड़ लोगों को मिलने वाले लाभों में 2.21 करोड़ वृद्धजन हैं तो 27 लाख दिव्यांगजन तो 67 लाख विधवाएं, तो वहीं लाखों सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी शामिल हैं।












