जैसे ही नौकरी लगता है, ज्यादातर युवाओं का ध्यान सैलरी का कुछ हिस्सा घर के खर्च में और कुछ पैसे सेविंग करने पर होता है, और कुछ पैसा Emergency Fund में, जिसे तुरंत इमरजेंसी पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सके। गंभीर बीमारी, परिवार में किसी आपातकाल की स्थिति या अचानक का आन पड़ा कोई बड़ा खर्च हो। तो यही फंड आर्थिक सहायता देता है।
पहली सैलरी से शुरू करें Emergency Fund
पैसा बढ़ाना Emergency Fund का उद्देश्य नहीं होता, बल्कि जरूरत के समय पैसा उपलब्ध रहे, इसे शेयर बाजार, इक्विटी म्यूचुअल फंड की वजह ऐसे विकल्पों में रखना चाहिए, जहाँ जरूरत पड़ने पर पैसे को आसानी से निकाला जा सके।

पहली सैलरी से ही कुछ इस तरह सेविंग करें शुरू। मान लीजिए आपका सैलरी 50 हजार रुपये प्रति माह है, तो आप उसमे से 30 हजार अपने खर्च के लिए निकले और 5 हजार रुपये को इमरजेंसी फंड के तरह सेव करें, तो आपका एक साल में 60 हजार रुपये जमा हो जाएंगे। इस सेविंग को आप बचत वाली रकम न मानें, इसे मासिक बजट का ही हिस्सा मानें।
सैलरी का कितना प्रतिशत बचाएं
इमरजेंसी फंड के लिए हर व्यक्ति की आमदनी का एक तय प्रतिशत निर्धारित नहीं किया जा सकता। अच्छा होगा कि आप फिजूल खर्ची और दूसरे निवेशों पर अधिक पैसा खर्च करने से पहले अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा इस कोष के लिए अलग रखें। अगर आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर है तब भी सैलरी का 5 से 10 प्रतिशत बचाना एक अच्छी शुरुआत मानी जा सकती है और सैलरी बढ़ने या खर्च कम होने पर आप अपनी बचत को बढ़ा सकते हैं। आपकी प्रति माह सैलरी 30 हजार है तो 15 सौ से 3 हजार के बीच इस इमरजेंसी फंड में जमा कर सकते हैं। जिससे साल के अंत में 36 हजार रुपये आपके फंड में जमा हो जाएंगे।

Emergency Fund के लिए 3-6-9-12 का नियम अपनाएं
अगर किसी व्यक्ति पर वित्तीय जिम्मेदारियां ज्यादा हैं। जैसे स्वाक्ष से जुड़ी जरूरतें या फिर दूसरे कोई अन्य वित्तीय जिम्मेदारियां हो तो उसे अधिक पैसे की जरूरत पड़ती है। तो आप उसके लिए 3-6-9-12 नियम को अपना सकते हैं।
अगर आप अभी अकेले हैं और आपकी सैलरी फिक्स्ड है तो तीन महीने के खर्च के बराबर रकम को बचाएं
अगर आप के ऊपर परिवार की जिम्मेदारियां हैं और आपकी सैलरी नियमित है तो आप छह महीने के खर्च के बराबर रकम को बचाएं।
अगर आप अकेले हैं और आपकी सैलरी अनिश्चित है तो नौ महीने के खर्च के बराबर रकम को बचाएं।
यदि आपके ऊपर आपका परिवार निर्भर है। और आपका सैलरी अनिश्चित है। तो आप बारह महीने के खर्च के बराबर रकम को बचाएं
बचत की गई राशि को कहाँ रखें?

Emergency Fund को रखने से पहले सुरक्षा और आसानी से पैसा निकालने की सुविधा देखनी चाहिए आप इसे रोजमर्रा के खर्च में इस्तेमाल होने वाली बचत खाते से अलग रखें , इसके लिए एक अलग बैंक खाता रखा जा सकता है। जिससे पैसा खर्च करने की संभावना कम रहती है। फंड का एक भाग बचत खाते में और बाकी रकम बैंक की एफडी या स्वीप एफडी में रखी जा सकती है जिससे जरूरत पड़ने पर पैसा आसानी से निकाली जा सके जब रकम बड़ी हो जाए तो इसे एक ही बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में जमा बांटने पर भी विचार करना चाहिए। इससे किसी एक बैंक या खाते से जुड़ी समस्या की स्थिति में पूरी राशि के प्रभावित होने का खतरा कम हो जाता है।

















