पीएम मोदी ने देश के उत्तरी सीमा पर सैन्य बल के आवाजाही को बेहतर करने के लिए भारत को एक अहम सामरिक गलियारा दिया। सीमा सड़क संगठन की ओर से 2500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 298 किलोमीटर लंबी यह सड़क लद्दाख से निम्मु -पदुम जास्कर घाटी के रास्ते से होते हुए दारचा हिमाचल प्रदेश को जोड़ती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस सामरिक रास्ते को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा- जिस रास्ते पर पहले 12 घंटे लगते थे, अब वह महज तीन घंटे में पूरा हो सकता है, जिससे चीन की सीमा पर तैनात फौज के आवाजाही को काफी मदद मिलेगी।
निम्मु -दारचा मार्ग फौज के राह को और भी आसान करेगा। उत्तरी मोर्चे पर बदल रही रक्षा जागृतों के बीच यह मार्ग श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्गों के एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में हैं ,मोदी ने सेना के लिए एक वैकल्पिक मार्ग को मुहैया कराया। कई बार क्या होता था कि ऊँचे हिमालयी क्षेत्रों में संकट के समय पारंपरिक मार्ग रुकावट पैदा कर देती थी। ऐसे में यह एक अतिरिक्त मार्ग सैन्य रसद के लिए। एक जरूरी विकल्प हो सकता है।
इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लेह को 3350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने कहा – लद्दाख का विकास सेंटर सरकार की ही सर्वोच्च प्राथमिकता रही हैं। सरकार का विशेष ध्यान लद्दाख के युवाों पर रहा।
सरकार युवाओं को गुणवक्तापूर्ण शिक्षा , आधुनिक तकनीक और शोध के क्षेत्र में और स्थानीय क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराने पर बल दिया। ताकि यहां का युवा पीढ़ी पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में पलायन न करे। पीएम मोदी ने लेह में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस को स्थापित किया और IIT – जम्मू तथा IIM – जम्मू में सैटेलाइट कैम्पस के निर्माण का भी उल्लेख किया। जिससे स्थानीय विद्यार्थी को उच्च शिक्षा, शोध और तकनीकी कौशल में बेहतर अवसर मिलें।
पीएम मोदी ने हवाई अड्डा व बिजली से जुड़े परियोजनाओं को भी ध्यान में रखा। लेह को कुशोक बकुला निरपोछे हवाई अड्डा को 640 करोड़ रुपये लागत से बनाया जा रहा है, नए यात्री टर्मिनल 9 मेगावाट की हानु- लघु जल विद्युत परियोजना और 66 kv की इलेक्ट्रिक पारेशर लाइन का आरंभ किया।












