आज का भारत डिजिटल क्रांति का प्रतीक बन चुका है। Digital India अभियान देश के समाज को सशक्त समाज में बदलने का मिशन भी बन चुका है। इस उद्देश्य से देश के हर नागरिक तक हाई स्पीड इंटरनेट ही नहीं बल्कि ई-गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान और सभी ऑनलाइन सेवाएं पहुंचाना है। DigiLocker, UPI, BHI जैसे ऑनलाइन सर्विसेस जीवन को आसान बना रही हैं। डिजिटल इंडिया सुविधाएं के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा, व्यापार और स्वास्थ्य के नए मौके भी खोल रहे हैं। भारत सच में अब डिजिटल तकनीकी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
कब और कैसे शुरू हुआ Digital India
इसकी शुरुआत भारत सरकार UPI के माध्यम से 25 अगस्त 2016 में की थी। शुरुआत के समय इसमें केवल 21 बैंक ही इसके साथ जुड़े थे और पहले महीने अगस्त में सिर्फ 90 हजार की लेनदेन हुई थी। फिर वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुछ और बैंक इससे जुड़े, जिससे बैंकों की संख्या 21 से बढ़कर 44 हो गई और 2025-26 में यह बढ़कर 703 बैंक हो गई। लगातार बैंक इस डिजिटल तकनीकी से जुड़ते जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंकों की संख्या 741 तक पहुंच चुकी है और लगातार बढ़ती ही जा रही है। आज यह सरकारी, निजी, स्मॉल फाइनेंस, पेमेंट और सहकारी बैंकों को जोड़कर देश के सुदूर इलाके तक पहुंच चुका है।

Digital India का उद्देश्य।
Digital India का मूल उद्देश्य सभी समाज के नागरिकों को डिजिटल तकनीकी से जोड़ना है, सभी सरकारी कार्यों को ऑनलाइन और पारदर्शिता बनाना। Digital India के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक विकास को तेजी देना। डिजिटल इंडिया का फोकस डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर है, जिससे प्रत्येक सुदूर गांव में और शहरों में हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुँच सके सभी नागरिकों के पास अपना डिजिटल पहचान हो सभी प्रकार के सरकारी सेवाएँ , को ऑनलाइन के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति के पास पहुँच कराना, ई -गवर्नेंस और ई -क्रांति के जरिए सभी सरकारी सेवाओं को तेज बनाना ताकि डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन बैंकिंग, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सुविधाएँ एक क्लिक पर उपलब्ध हो।

नागरिकों को इसके प्रति जागरूक बनाना भी है ताकि उन्हें तकनीकी का ज्ञान हो इसके लिए ग्रामीण इलाकों एवं शहरी इलाकों में डिजिटल कार्यक्रम भी किया जाता है आईटी के क्षेत्र में स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा दिया जा रहा है ताकि डिजिटल इंडिया और तेजी से आगे बढ़े।
Digital India से आम नागरिक का जीवन।
डिजिटल इंडिया का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि आज सामान्य नागरिक भी भारत सरकार के सरकारी योजनाओं तक आसानी से जुड़ सकता है। पहले जहाँ सरकारी कामों के लिए घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता था, आज वही काम कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से किया जा सकता है।

किसान अपनी फसल के दाम और मौसम की जानकारी के साथ-साथ सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मोबाइल से ले सकते हैं। छात्र ऑनलाइन शिक्षा और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधा के माध्यम से पढ़ाई भी कर रहे हैं। डिजिटल पेमेंट ने नकदी पर निर्भरता कम की है, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ सुविधा भी बढ़ी है। यह न केवल डिजिटल सुविधाएँ बढ़ाई, बल्कि देश के अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाई है।











