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कांग्रेस जबरदस्ती चुनाव आयोग को एंटी-इनकंबेंसी से न जोड़े: बीजेपी

कांग्रेस जबरदस्ती चुनाव आयोग को एंटी-इनकंबेंसी से न जोड़े: बीजेपी
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चुनाव आयोग को लेकर सियासत गरम है। एक तरफ राहुल गांधी दो चुनाव आयुक्तों के असहमति को लेकर लोकतंत्र पर बड़े सवाल खड़े किए, तो भाजपा की ओर से सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा, जिस ने आयोग के अंदर दरार की बात किया गया है।

पहले उस अखबार की पूरी खबर जांच लें। उस खबर में कहीं भी साक्ष्य नहीं दिया गया है कि फैसला बिना सर्वसम्मति के हुआ हो। अगर दो आयुक्तों में विरोध है, तो फैसला हो ही नहीं सकता। एक दिन पहले ही आयोग ने सूचना दिया था। की  एक वर्ष में उन्होंने 40 फैसले लिए, लेकिन एक भी फैसला बिना सर्वसम्मति के नहीं हुए थे। सुधांशु ने कहा कांग्रेस को ऐसे खबरों के आधार पर बहस नहीं करना चाहिए।

संविधान के अनुसार आयोग को मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, एसआईआर करने का पूरा-पूरा अधिकार है। यह संविधान का अनुरूप है। वोटर वही जो भारतीय नागरिक है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि 26 जनवरी 1987 से पहले जन्मे को भारतीय माना जाएगा? यह कांग्रेस का ही कानून है, उसके  बाद जो भी वोटर बनेगा, आप उससे सवाल पूछे जाएंगे। फिर संविधान में संशोधन 2003 में हुआ कि माता-पिता में से कोई एक व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए।

इसके बाद भी संशोधन हुआ कि माता-पिता में से कोई एक अवैध रूप से भारत न आया हो। ऐसे में क्या यह जरूरी नहीं कि जब वोटर बन रहा हो तो कुछ सवाल पूछे जाएं? इसलिए फॉर्म 6 के  साथ घोषणा पत्र भी लाया गया है। कांग्रेस को घुसपैठिओ  से लगाव  है। उन्हीं के बल पर चुनाव जीतती है। 2024 के चुनाव होने से पहले बांग्लादेश के अखबार में कांग्रेस नेता ने एक आर्टिकल लिखा मोदी को जाना पड़ेगा, मोदी हैस टू गो।

सुधांशु तंज कसते हुए जब चुनाव देश में हो रहा है तो बांग्लादेश के अखबार में आर्टिकल लिखने की क्या जरूरत पड़ी? असम के ढुबरी इलाके में 70%  मुस्लिम आबादी है। वहाँ से कांग्रेस को बड़ी जीत मिली। ऐसे कई घुसपैठ के इलाके हैं। कई घुसपैठियों ने तो जाते समय यह भी कहा की उन्होंने चार-चार बार वोट डाले हैं। बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी तो बड़ी मुश्किल होगी। ऐसा कहा था बंगाल के सांसद अख्तर हुसैन ने। इन सब के तार आपस में कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।

एंटी-इनकंबेंसी, सत्ता विरोधी रुझान स्थापित नियम है। ऐसा कहा था राहुल गांधी ने। सुधांशु ने कहा यहां गांधी परिवार क्यों अपने पुश्तैनी क्षेत्र रायबरेली और अमेठी से सत्ता के समर्थन के बिना जीत हासिल नहीं कर पाती। वाडनाड में मुसलमानों का सपोर्ट चाहिए होता है जब तक देश में बूथ लूटा जाता था। वोटर आईडी कार्ड का कोई काम ही नहीं था, उस समय सीसीटीवी कैमरे नहीं होते थे कांग्रेस वोटरों की रिपीट करवाती थी। जब चुनाव साफ-सुथरे होने लगे तो कांग्रेस देश से विदा होने लगी।

उत्तर प्रदेश, बंगाल, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्य में कांग्रेस दसको  से गायब है। क्या यह भी चुनाव आयोग कर रहा है कांग्रेस अपनी हार का माला चुनाव आयोग को न पहनाए? सुधांशु ने  कांग्रेस  काल में है हुई चुनाव आयुक्तों की भर्ती को लेकर भी याद दिलाया और वीडियो भी दिखाया जिसमें तत्कालीन कैबिनेट सचिव T.N शेषन ने कहा था, चुनाव आयोग को, चुनाव के डेट को लेकर निर्देश भी दिया गया था राजीव गांधी के द्वारा।

 

suvas singh

Has an interest in Hindi journalism and current affairs. Focuses on presenting news related to national and global events, politics, education, and social issues in simple, clear Hindi.

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