काक्रोज जनता पार्टी (CJP) आखिर चाहती क्या है? अभीजीत दिपके की मंसा क्या है? लोगों में बहुत ज़्यादा नाराज़गी बढ़ चुकी है। कुछ दिन पहले ही जब अभिजीत दिपके नागपुर से दिल्ली आंदोलन के लिए आ रहे थे, तब किसी यात्री ने दिपके पर अपनी नाराज़गी जताते हुए उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई और यहां तक कि उन्होंने सीआईए एजेंट तक बोल दिया था।
संसद मार्ग स्थित ACM कोर्ट ने जमानत के लिए भरे गए बांड की शर्तो का उल्लंघन करने असुतोष रांका और सौरभ दास को पांच दिन के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे CJP के लोगों ने असुतोष रांका और सौरभ दास को जेल भेजे जाने के विरोध में अभीजीत दिपके ने लहरा दो तिरंगा, जन प्रदर्शन का आह्वान किया था। यह प्रदर्शन शाम में आयोजित होगा।
दीपके ने समर्थकों से तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण ढंग से जुटने की अपील की और कहा जो लोग दिल्ली नहीं आ सकते वे देश के अन्य शहरों में समानांतर तिरंगा मार्च निकाल सकते हैं।
CJP का लहरा दो तिरंगा मार्च रहा बिफल. अभिजीत दीपके को ये उम्मीद नहीं थी
अभिजीत दीपके को पुलिस ने थमा दी थी नोटिस ,दीपके एक कमरे में नजरबंद थे जैसे ही शाम हुआ, अभिजीत दीपके कनॉट प्लेस पहुंचे। इसके बाद CJP के अन्य समर्थको और दीपके के ने निकला तिरंगा मार्च।

लेकिन यह तिरंगा मार्च एक फ्लॉप शो रहा। मुश्किल से 200 या 250 युवा ही कनॉट प्लेस पहुंचे थे। क्योंकि इस बार पुलिस के छह हजार जवान से ज्यादा तैनात कर दिए गए थे। इस दौरान सीजेपी के बड़े लोगों को पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। नेहा बोरा को मंडी हाउस से ही हिरासत में ले लिया गया था और दीपके सहित कुल 150 लोग से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया था।
दिल्ली नगर पालिका परिषद ने पहले ही अभिजीत सहित 150 लोगों से ज्यादा को हिरासत में ले लिया था। जैसे ही शाम होने लगा, लहरा दो तिरंगा प्रदर्शनकारियों 250 में से भी कम होने लगे। इस बार पुलिस की रणनीति बदली हुई थी। कनॉट प्लेस के इनर सर्कल तक जाने दे रही थी। सख्त बल सीमित देखते हुए पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास नहीं किया बल्कि तिरंगा मार्च निकालने दिया और इनर सर्कल तक सीमित कर दिया था।
अभिजीत दिपके का नया ठिकाना।
शरद पवार गुट के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीस गावड़े का घर बन रहा है दिपके का नया ठिकाना। इससे पहले जब भी प्रोटेस्ट करते थे, वे होटल में रुकते थे लेकिन कुछ समय से एनसीपी नेता के घर रुक रहे हैं। दो दिन रुके थे एनसीपी नेता के घर, अब पुलिस जांच कर रही है। इन दो दिनों में कौन-कौन लोग आए थे नेता के घर। पुलिस को शक हो रहा है कि कहीं अन्य विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर फिर ये देश में कुछ ऐसा न करें जैसे 20 जुलाई को अराजकता फैलाई थी।















