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यदि आप 25 हजार रुपये से ज्यादा कमाते हैं तो आपके वेतन से कटेगा 12% : EPF

यदि आप 25 हजार रुपये से ज्यादा कमाते हैं तो आपके वेतन से कटेगा 12% : EPF
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EPF की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये तक हो गई, जिससे से 25 हजार रुपये कमाने वाले हर एक एम्प्लॉयी के वेतन से 12 परसेंट पीएफ कटेगा। तो इसका हमारे पॉकेट पर क्या असर पड़ेगा?

सितंबर 2014 के बाद यह पहली बार है, जिसमें EPF की सीमा में संशोधन किया गया। EPFO कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कर्मचारियों के भविष्य निधि EPF , FPS  और EDLI में सुधार करते हुए। यह सुनिश्चित किया कि जिस कर्मचारी का वेतन 25 हजार तक है, उसका 12 परसेंट, यानी सीधे तीन हजार रुपये कटना शुरू होगा, जिससे से कर्मचारी को उसका भविष्य में लाभ देखने को मिलेगा।

PF की गणना हमेशा सामाजिक सुधार संहिता के तय वेतन पर होता है, जिसमें मूल रूप से वेतन और महंगाई भत्ता भी शामिल होते हैं। किराया भत्ता या मकान भत्ता इसमें तभी जुड़ते हैं जब वे कुल पारिश्रमिक के तय  नियमों से बाहर होते हैं। यदि किसी भी एम्प्लॉयी की वास्तविक वेतन, डीए भी मिलाकर 15 हजार रुपये ही है। तो उसका पुराना ही अंशदान कटेगा, भले ही उसका टोटल सैलरी ज्यादा ही क्यों न हो। कर्मचारी की 15 हजार रुपये से 25 हजार रुपये के बीच में वेतन है,

तो इसे ऐसे समझें मान लीजिए किसी कर्मचारी की वास्तविक वेतन 15 हजार है। और महंगाई भत्ता जोड़कर उसकी कुल वेतन 20 हजार रुपये पर महीना की है तो ऐसे में कर्मचारी का 12 परसेंट योगदान यानी 2400 रुपये हर महीने उसकी वास्तविक सैलरी से कटेंगे और ठीक इसी तरह उसके खाते में कंपनी की तरफ से दिए जाने वाले इस 2400 रुपये का विभाजन पेंशन EPS और भविष्य निधि EPF के तय की गई कंपनी के नियमों के मुताबिक ही होगा।

कर्मचारियों के लिए खबर

25 हजार रुपये से ज्यादा कमाने वाले पर यह नियम कैसे काम करेगा – मान लीजिए आपका वेतन 30 हजार रुपये है इसका यह मतलब नहीं है कि आपके पूरे सैलरी पर अनिवार्य पीएफ कटेगा यह नियम केवल यह तय करने के लिए है। कि किसको इस नियम के दायरे में लाना है, इस मामले में कर्मचारी को पुराने नियमों को देखना होगा। कंपनी के नियम नए सदस्यों व पुराने सदस्य के लिए अलग है। जो व्यक्ति पहले से ही EPF का सदस्य है, उनकी सैलरी बढ़ने मात्र से उसकी मेंबरशिप समाप्त नहीं होती। किसी संस्था को कह देने से कि जिसकी सैलरी 25 हजार से ज्यादा है, उस पर पीएफ लागू नहीं होगा या फिर 25 हजार रुपये वाले हर कर्मचारी का 3000 रुपये कटेगा यह एक अधूरा सच है।

इस नियम से आम नागरिक को कितना फायदा होगा? : पहले 15 हजार रुपये पर अधिकतम पेंशन अंशदान 8.33 परसेंट था यानी 1250 रुपये प्रति माह कर्मचारी के खाते में जमा होते थे। अब 25 हजार का 8.33 परसेंट 2083 रुपये प्रति माह हो जाएगा, जिससे कर्मचारी को भविष्य में पेंशन की रकम बढ़ जाएगी और जिससे कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन की गणना ऊँचे आधार पर होने लगेगी। इस नए नियम से कर्मचारी को पीएफ और पेंशन के साथ-साथ ईडीएलआई योजना के अंतर्गत मुफ्त जीवन बीमा सुरक्षा का लाभ भी मिलेगा।

जो भी कर्मचारी 15 हजार से 25 हजार तक के वेतन पाते हैं कंपनी उन्हें 17 सितंबर से इस नियम के दायरे में शामिल करना शुरू करेगी श्रम मंत्रालय की एडवाइजरी के अनुसार सभी कंपनी अपना पे रोल और सिस्टम को तुरंत अपडेट करेंगे।

suvas singh

Has an interest in Hindi journalism and current affairs. Focuses on presenting news related to national and global events, politics, education, and social issues in simple, clear Hindi.

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